वेदिक कृषि प्रशिक्षण
ऑनलाइन हिन्दी प्रशिक्षण कार्यक्रम
पंजीकरण की अवधि:
१ जनवरी से ३ फ़रवरी २०२६
वैदिक परंपरा में ऋतुओं एवं त्योहारों का फसल-चक्र के साथ गहरा संबंध है..
वेदों में ऋषि-मुनियों द्वारा परंपरागत खेती में लौकिक शक्तियों के प्रभाव की व्याख्या मिलती है…
प्रत्येक दिन…
प्रथम सत्र: रात ७.३० से ८.१० बजे तक (PPT द्वारा प्रस्तुति)
द्वितीय सत्र: रात ८.१५ से ८.५५ बजे तक (PPT द्वारा प्रस्तुति)
तृतीय सत्र: रात ९.०० से ९.३० बजे तक (प्रश्नोत्तर एवं चर्चा)
खंड: 2
दिनांक: 4 फ़रवरी 2026
फल-बीज फसल
- अग्नि तत्व: यह तत्व ऊष्मा, प्रकाश, और परिवर्तन का प्रतीक है।
- मौसमी फसलें: मौसमी फसलें वे फसलें हैं जो एक विशिष्ट मौसम में उगाई जाती हैं और उसी मौसम में काटी जाती हैं।
- वार्षिक फसलें: जिन फसलों का जीवन चक्र एक वर्ष में या इससे कम समय में पूर्ण हो जाता है, उन्हे एक वर्षीय फसलें कहलाती है।
- बहुवर्षीय फसलें: बहुवर्षीय पौधे वे पौधे हैं जो दो ऋतुओं से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।
दिनांक: 5 फ़रवरी 2026
भूमिगत फसलें
- भूमि तत्व: पृथ्वी तत्व स्थिरता, व्यावहारिकता और जीवन के प्रति जमीनी दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है।
- मौसमी फसलें: मौसमी फसलें वे फसलें हैं जो एक विशिष्ट मौसम में उगाई जाती हैं और उसी मौसम में काटी जाती हैं।
- वार्षिक फसलें: जिन फसलों का जीवन चक्र एक वर्ष में या इससे कम समय में पूर्ण हो जाता है, उन्हे एक वर्षीय फसलें कहलाती है।
- बहुवर्षीय फसलें: बहुवर्षीय पौधे वे पौधे हैं जो दो ऋतुओं से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।
दिनांक: 6 फ़रवरी 2026
फूलों की फसलें
- वायु – प्रकाश तत्व: यह उनके तात्विक प्रभाव के प्रकाश और गतिशील सार को दर्शाता है।
- मौसमी फसलें: मौसमी फसलें वे फसलें हैं जो एक विशिष्ट मौसम में उगाई जाती हैं और उसी मौसम में काटी जाती हैं।
- वार्षिक फसलें: जिन फसलों का जीवन चक्र एक वर्ष में या इससे कम समय में पूर्ण हो जाता है, उन्हे एक वर्षीय फसलें कहलाती है।
- बहुवर्षीय फसलें: बहुवर्षीय पौधे वे पौधे हैं जो दो ऋतुओं से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।
दिनांक: 7 फ़रवरी 2026
पत्तेदार फसलें
- नीर तत्व: यह तरलता, अनुकूलनशीलता और आंतरिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।
- मौसमी फसलें: मौसमी फसलें वे फसलें हैं जो एक विशिष्ट मौसम में उगाई जाती हैं और उसी मौसम में काटी जाती हैं।
- वार्षिक फसलें: जिन फसलों का जीवन चक्र एक वर्ष में या इससे कम समय में पूर्ण हो जाता है, उन्हे एक वर्षीय फसलें कहलाती है।
- बहुवर्षीय फसलें: बहुवर्षीय पौधे वे पौधे हैं जो दो ऋतुओं से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।